वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए एचआरसीआई निरंतर संघर्षरत रहेगा: राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत चेन्नुपाटी
चीराला, 29 सितंबर:
ह्यूमन राइट्स काउंसिल फॉर इंडिया (HRCI) के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत चेन्नुपाटी ने आह्वान किया कि समाज के वंचित, शोषित और असहाय वर्गों की आवाज़ बनकर उनके मूल अधिकारों की रक्षा करना ही संगठन का परम उद्देश्य होना चाहिए। मंगलवार को राष्ट्रीय कार्यालय में एचआरसीआई के नवनिर्वाचित सदस्यों के साथ एक विशेष समीक्षा बैठक उनकी अध्यक्षता में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
इस अवसर पर डॉ. श्रीकांत चेन्नुपाटी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसमें स्वयंसेवी संगठनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जहाँ कहीं भी अन्याय, उत्पीड़न और मानवाधिकारों का हनन होगा, वहाँ एचआरसीआई पीड़ितों के पक्ष में खड़ी होकर न्याय मिलने तक निरंतर कानूनी व नैतिक समर्थन देती रहेगी। नव-नियुक्त पदाधिकारियों व सदस्यों से उन्होंने समाज हित को प्राथमिकता देते हुए पूर्ण निष्ठा, निस्वार्थ सेवा भावना और ज़िम्मेदारी के साथ कार्य करने का आग्रह किया। साथ ही, जनसमस्याओं के समाधान हेतु संगठन के सिद्धांतों को ज़मीनी स्तर तक ले जाने के निर्देश दिए।
इस समीक्षा बैठक में एचआरसीआई के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. एल. मुत्याला बाबू, साउथ इंडिया विमेंस विंग की अध्यक्षा सहित विभिन्न प्रभागों के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक के दौरान संगठन के सुदृढ़ीकरण, भावी कार्ययोजनाओं, आगामी जनकल्याणकारी परियोजनाओं एवं सामाजिक दायित्वों पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके उपरांत नवनिर्वाचित सदस्यों को उनकी ज़िम्मेदारियों से अवगत कराते हुए शुभकामनाएं दी गईं। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रमुख पदाधिकारी तथा कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








