
रक्षाबंधन केवल रक्त संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निस्वार्थ प्रेम, स्नेह और अटूट विश्वास का पावन प्रतीक है। समाज सेवा के प्रति समर्पित और जन-अधिकारों के संरक्षण हेतु निरंतर प्रयासरत नेशनल चेयरमैन डॉ. श्रीकांत चेन्नुपाटी को साउथ इंडिया विमेन प्रेसिडेंट कोना वरलक्ष्मी ने बड़े ही आत्मीय भाव से रक्षासूत्र (राखी) बांधकर इस पावन रिश्ते को साकार किया।
भाई-बहन का संबंध केवल एक ही कोख से जन्म लेने का नाम नहीं है, बल्कि एक-दूसरे की प्रगति की कामना करना, हर सुख-दुख में संबल बनना और निष्कपट आशीर्वाद देना है। समाज में महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर सक्रिय कोना वरलक्ष्मी ने शोषित और वंचित वर्गों की आवाज़ बनकर खड़े डॉ. श्रीकांत चेन्नुपाटी को राखी बांधी और उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु तथा सेवा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने की मंगलकामना की।
इस अवसर पर डॉ. श्रीकांत चेन्नुपाटी ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा— “दीदी द्वारा बांधा गया यह स्नेहिल रक्षासूत्र मुझे जनसेवा के प्रति नई ऊर्जा और मेरे दायित्वों का बोध कराता है। मैं महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए सदैव तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहूंगा।” इसके साथ ही उन्होंने दीदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
समाज कल्याण के दृष्टिकोण से कार्यरत इन दोनों व्यक्तित्वों के बीच का यह भाई-बहन का आत्मीय व पवित्र संबंध सभी के लिए अनुकरणीय और प्रेरणादायी है। सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ यह प्रसंग अत्यंत भावुक और गरिमामय रहा।








