
क्राउन ह्यूमन राइट्स | नई दिल्ली / चीराला | 27 अगस्त: भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास के पावन प्रतीक ‘रक्षाबंधन’ (राखी पूर्णिमा) के शुभ अवसर पर ह्यूमन राइट्स काउंसिल फॉर इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक डॉ. श्रीकांत चेन्नुपति ने काउंसिल के सभी सम्मानित सदस्यों, राज्य स्तरीय पदाधिकारियों तथा समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। इस पावन अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए उन्होंने कहा: “भारतीय संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं में रक्षाबंधन का विशेष और अत्यंत पूजनीय स्थान है। एक बहन द्वारा अपने भाई की कलाई पर बांधी जाने वाली राखी केवल एक रक्षा सूत्र नहीं, बल्कि असीम स्नेह, अटूट विश्वास और परस्पर कर्तव्यों का प्रतीक है। यह पावन पर्व हमें समाज में प्रत्येक नारी की सुरक्षा, सम्मान और उनके मानवाधिकारों की रक्षा के प्रति समर्पित रहने का संदेश देता है।”डॉ. श्रीकांत चेन्नुपति ने काउंसिल के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का आह्वान किया कि वे मानवाधिकारों के संरक्षण में सदैव अग्रणी रहें तथा समाज के वंचित वर्गों एवं महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर ढाल बनकर खड़े रहें।उन्होंने कामना की कि यह रक्षाबंधन हर परिवार के जीवन में सुख, शांति, सुरक्षा और समृद्धि लेकर आए तथा समाज में सदैव सद्भाव और न्याय की विजय हो।








