मानवाधिकार संरक्षण में नवयुग का सूत्रपात: ह्यूमन राइट्स काउंसिल फॉर इंडिया (HRCI) की भावी कार्ययोजना पर राष्ट्रीय समीक्षा

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अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से ग्रामीण स्तर तक पहुँचेगी मानवाधिकार चेतना: राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत चेन्नुपाटी

न्यूज़ डेस्क | नई दिल्ली / चीराला:

समाज के वंचित एवं पीड़ित वर्गों के उत्थान तथा नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा हेतु निरंतर सेवारत प्रतिष्ठित संगठन ह्यूमन राइट्स काउंसिल फॉर इंडिया (HRCI) ने अपने राष्ट्रव्यापी अभियान को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संगठन के संस्थागत सशक्तीकरण, देशव्यापी विस्तार एवं आधुनिक तकनीकी एकीकरण के मुख्य एजेंडे पर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मुख्यालय में मंगलवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

यह बैठक संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत चेन्नुपाटी की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें देशभर से पधारे राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पदाधिकारियों ने भाग लेकर संगठन की भावी कार्ययोजना पर गहन विचार-विमर्श किया।

तकनीक बनेगी त्वरित न्याय का आधार

समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत चेन्नुपाटी ने संगठन के आगामी लक्ष्यों का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बदलते समय के अनुरूप मानवाधिकार आंदोलन को अधिक तीव्र, प्रभावी एवं आधुनिक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

“पीड़ितों को न्याय मिलने में किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करके शिकायत दर्ज करने से लेकर निवारण तक की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, त्वरित और सुगम बनाना ही हमारा प्राथमिक ध्येय है।”

— डॉ. श्रीकांत चेन्नुपाटी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, HRCI

बैठक में लिए गए प्रमुख रणनीतिक निर्णय:

ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तार: मानवाधिकार चेतना को केवल महानगरों और नगरों तक सीमित न रखकर दूरदराज के ग्रामीण इलाकों तक जन-जन तक पहुँचाना।

डिजिटल हेल्पडेस्क एवं समन्वय: पीड़ितों को अपनी बात सुगमता से रखने के लिए आधुनिक डिजिटल माध्यमों और तकनीकी प्रणालियों को संगठन की कार्यशैली में शामिल करना।

संगठनात्मक समन्वय: देश के विभिन्न राज्यों में कार्यरत HRCI की इकाइयों के बीच त्वरित सूचना आदान-प्रदान और मजबूत समन्वय तंत्र स्थापित करना।

कानूनी साक्षरता एवं जागरूकता अभियान: आम नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों, कानूनी सुरक्षा और मानवाधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए राष्ट्रव्यापी स्तर पर संगोष्ठियों का आयोजन करना।

संगठन का संकल्प और पदाधिकारियों को मार्गदर्शन

डॉ. श्रीकांत चेन्नुपाटी ने स्पष्ट किया कि संगठन के प्रत्येक सदस्य और पदाधिकारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी प्रतिनिधि पूर्ण निष्ठा और सेवाभाव के साथ कार्य करते हुए पीड़ितों की आवाज़ बनें और उन्हें सामाजिक व कानूनी न्याय दिलाने में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

इस समीक्षा बैठक में ह्यूमन राइट्स काउंसिल फॉर इंडिया के विभिन्न राज्यों से आए राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रमुख पदाधिकारी, विधिक प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे।

 

The Bharat Vani
Author: The Bharat Vani

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